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न्यूयॉर्क (समा.एजें) ९ अप्रैल  : संयुक्त राष्ट्र में पहली बार भारतीय संविधान के रचयिता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई जाएगी जिसमें सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) हासिल करने के लिए असमानताओं से लड़ने पर मुख्य रूप से ध्यान दिया जाएगा।

संयुक्त राष्ट्र में भारत का स्थायी मिशन कल्पना सरोज फाउंडेशन और फाउंडेशन फॉर ह्यूमन होराइजन के सहयोग से अंबेडकर की जयंती से एक दिन पहले १३ अप्रैल को यहां संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में उनकी १२५वीं जयंती मनाएगा।

इस मौके पर वहां ङ्कइन सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए असमानताओं से लड़ाईङ्क विषय पर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया जाएगा। भारतीय मिशन ने एक बयान में कहा, ङ्कसतत विकास के लिए २०३० का एजेंडा इस बात का द्योतक है कि देशों में असमानता का मुकाबला करना है, सतत और समावेशी प्रगति लानी है और समावेश को बढ़ावा देना एक दूसरे पर निर्भरता की बात है।ङ्क संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने ट्विटर पर लिखा, ङ्कपहली बार संयुक्त राष्ट्र में बाबासाहब की जयंती मनाई जाएगी जिसमें सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए असमानताओं से लड़ने पर ध्यान दिया जाएगा।ङ्क भारतीय मिशन के एक नोट में कहा गया कि भारत अपने ‘राष्ट्रीय प्रेरणास्रोतङ्क की १२५वीं जयंती मना रहा है जो करोड़ों भारतीयों और दुनिया भर में समानता और सामाजिक न्याय के समर्थकों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।

इसमें कहा गया, ङ्कहालांकि यह एक संयोग है, हम गरीबी, भूखमरी और सामाजिक-आर्थिक असमानता के २०३० तक खात्मे के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अपनाए गए सतत विकास लक्ष्यों में उपयुक्त रूप से बाबासाहब की उज्ज्वल दृष्टि के निशान देख सकते हैं।ङ्क अंबेडकर का जन्म १४ अप्रैल १८९१ को हुआ था। उनका निधन १९५६ में हुआ था और उन्हें १९९० में मरणोपरांत भारत रत्न दिया गया था।