नागपुर,(एजेंसिय
ां): राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रधान के. एस. सुदर्शन स्वेच्छा से अपने पद से हट गये। उनके स्थान पर मोहन भागवत संघ प्रधान हुए है। मोहन भागवत इससे पहले महासचिव के पद पर विराजमान थे। नागपुर के रेशमबाग स्मृति मन्दिर में अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में २१ मार्च को यह निर्णय लिया गया। आर एसएस के प्रवक्ता राम माधव ने इस नये सिद्धान्त के बारे में बताया। तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा में महासचिव सुरेश राव जोशी (भैयाजी जोशी) को बनाया गया। के.एस. सुदर्शन राष्ट्रीय स्वयं संघ के पाँचवे संघ चालक थे।
संघ के प्रतिष्ठाता डा. केशव बलिराम हेडगेवार की मृत्यु के बाद १९४० सन में द्वितीय संघ प्रधान माधव राव गोलवलकर बने थे जो गुरूजी के नाम से सर्वत्र परिचित थे। ३३ साल तक संघप्रधान के दायित्व को निभाते हुए १९७३ में उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद बाला साहेब देवरस सघं प्रधान बने थे। लेकिन अस्वस्थता के कारण वे अपना स्थान छोड़कर स्वर्गीय राजेन्द्र सिंह को संघ प्रधान को दायित्व दिया था। राजेन्द्र सिंह के बाद के. एस. सुदर्शन संघ प्रधान के दायित्व पर रहकर ९ साल तक अपने र्कायकाल को निभाये।