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माया को दिग्विजय की धमकी

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माया को दिग्विजय की धमकी
यू.पी. के चुनाव में एक सभा में भाषण देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री मायावती को धमकी भरे लहजे में कहा कि हमें मजबूर नहीं करें अन्यथा उनके पास पुलिस और प्रशासन है तो हमारे पास सीबीआई है। यह खुली धमकी कांग्रेस के चरित्र को उजागर करती है। कांग्रेस ने हमेशा ही सरकारी एजेन्सियों का इस्तेमाल कर देश पर राज किया है।
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धनबल और बाहुबल ने बदल दी चुनावी संस्कृति

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धनबल और बाहुबल ने बदल दी चुनावी संस्कृति
३८ वर्ष पहले जब मैने बिहार के मुंगेर से चुनाव लड़ा था तो पार्टी ने मुझे डेढ़ लाख रूपये दिए थे और मैंने अपनी जेब से एक पैसे भी खर्च नहीं किए थे। तब मेरे लिए इंदिरा गांधी चुनाव प्रचार करने गई थी। उस समय चुनाव में धनबल का प्रवेश नहीं हुआ था और राजनीति का अपराधीकरण भी शुरू नहीं हुआ था। इस तरह मैंने प्रसिद्ध समाजवादी नेता मधुलिमये को हराकर लोकसभा का चुनाव जीता था, लेकिन मैं मधुजी की बहुत इज्जत भी करता था। 

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कांग्रेस समर्थित मीडिया का तमाशा

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मुम्बई हमले के बाद से जैसे इलेक्ट्रानिक मीडिया के हाथों इतना बड़ा मशाला मिल गया कि वो समाप्त होने का नाम ही नहीं ले रहा है। जब भी कोई न्यूज चैनल खोलो अक्सर पाकिस्तान और तालीवान सम्बन्धी समाचारों की भरमार रहती है। पाकिस्तान सरकार की विफलता, तालिवान की सक्रियता और भारत सरकार के कुछ मंत्रियों व पदाधिकारियों के वक्तव्य सुनाये जाते हैं। भारतीय मीडिया का ये तथाकथित तालिबानी प्रेम कहाँ से उपजा है?
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जनरैल सिंह का गुस्सा

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सात अप्रैल को दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में एक पत्रकार वार्ता के दौरान गृहमंत्री पी.चिदम्बरम के उपर एक पत्रकार ने जूता फेंक दिया। इससे पूरे देश में उफान आ गया। चारो ओर से निन्दा, आरोप-प्रत्यारोपों की झड़ी लग गयी। इलेक्ट्रानिक चैनलों ने जनरैल सिंह का ऐसा चित्रण शुरु किया, जैसे उन्होंने कोई आतंकवादी र्काय किया हो। बहुत कम ही लोगों ने इस बात पर विचार किया होगा कि भारत के अधिकतम प्रसारित दैनिक के सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार ने अचानक ऐसा क्यों किया?
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वरुण पर रासुका, सत्ता का दुरुपयोग

उ०प्र० की राजनीति में भुचाल आ गया, कारण पीलीभीत के अपने संसदीय क्षेत्र जहाँ से पहली बार वरुण गाँधी चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने एक भाषण में कुछ बातें अल्पसंख्यकों के बारे में कह दी। ऐसा लगा जैसे पहली बार किसी ने ऐसी बात कह दी जिससे देश पर भारी खतरा आ गया। उ०प्र० सरकार ने वरुण गाँधी पर एक पर एक मुकदमें ठोक दिये और उन्हें रासुका में निरुद्ध कर दिया। ध्यान रहे उ०प्र० सरकार बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती चला रही हैं। वही मायावती जिन्होंने मुख्तार अन्सारी जैसे खतरनाक अपराधी को टिकट दिया, जिसने विधायक कृष्णानन्द राय की हत्या करवाई और न जाने कितने ही लोगों की हत्या, अपहरण और फिरौती वसूलने का अपराधी है। मुख्तार जैसे माफिया को टिकट और वरुण गाँधी को जेल।

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